ब्लड प्रेशर जांच (BP Monitoring): शिविर में उपस्थित प्रत्येक मरीज का सही ब्लड प्रेशर रिकॉर्ड किया गया, जिससे हाइपरटेंशन के प्रारंभिक लक्षण समय रहते पहचान कर आगे की जाँच या उपचार की योजना बनाई जा सके।
रैंडम ब्लड शुगर जांच (RBS Test): एक छोटी सी पंचर विधि द्वारा तत्काल ब्लड शुगर स्तर मापा गया, जिससे मधुमेह के जोखिम वाले मरीजों को तुरंत डायबिटोलॉजिस्ट से कंसल्टेशन के लिए रिफ़र किया गया।
हड्डियों की जांच (Bone Mineral Density – BMD Test): पोर्टेबल BMD स्कैन ने वृद्ध व मेनोपॉज़ के बाद की महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का प्रारंभिक आकलन करने में मदद की।
पूर्ण रक्त गणना (CBC Test): पोर्टेबल लैब सेटअप के माध्यम से एनीमिया, इन्फेक्शन या खून संबंधित अन्य विकारों का त्वरित स्क्री닝 किया गया।
पेशाब की सामान्य जांच (Urine Routine Test): मूत्र में ग्लूकोज, प्रोटीन, संक्रमण या पथरी जैसे संकेतों का शीघ्र पता लगाने हेतु Urine Strip टेस्ट उपलब्ध कराया गया।
डायटीशियन द्वारा पोषण परामर्श (Diet Consultation): व्यक्तिगत BMI और जीवनशैली के आधार पर डाइट प्लान तैयार करके मरीजों को लंबी अवधि के लिए पोषण समतुल्य आहार अपनाने की सलाह दी गई।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों से मुफ्त परामर्श:
कार्डियोलॉजिस्ट: उच्च ब्लड प्रेशर या सीने के दर्द की समस्या वाले मरीजों का ईसीजी और स्टेटस रिव्यू।
ऑर्थोपेडिक सर्जन: बुजुर्गों व एथलीट्स में जोड़ व हड्डी संबंधी दर्द का प्रारंभिक मूल्यांकन।
न्यूरोलॉजिस्ट: सिरदर्द, चक्कर आना या स्नायु जनित परेशानी वाले केसों का स्क्रीनिंग।
नेफ्रोलॉजिस्ट: किडनी फ़ंक्शन जांच के रिपोर्ट के आधार पर आगे की फॉलो-अप सलाह।
यूरोलॉजिस्ट: मूत्र मार्ग में जलन, दर्द या बार-बार पेशाब की जांच।
जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ: क्रॉनिक कंडीशंस (हाइपरटेंशन, डायबिटीज) के मैनेजमेंट पर समग्र परामर्श।
निःशुल्क दवा वितरण: उन मरीजों को, जिन्हें मामूली बीपी, शुगर या पोषण घाटे के लिए तत्काल दवा की आवश्यकता थी, मौके पर ही प्राथमिक उपचार के लिए दवाइयाँ प्रदान की गईं।
स्वास्थ्य शिक्षा सत्र और जीवनशैली सुधार सलाह: छोटे-छोटे समूहों में आयोजित वर्कशॉप में नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद के महत्व पर मार्गदर्शन किया गया।
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